• Journey

    • अमित ने जब से अपने पैरों पर चलना शुरू किया तबसे संघ की शाखा में जाना उनकी दिनचर्या में शामिल हो गया। अमदाबाद के संघ के प्रचारकों और अपने चाचा के जरिए मिलने वाली महापुरुषों की जीवनी और उनके कृत्यों वाली पुस्तिकाओं ने अमित के मन में देशप्रेम की जड़ों को गहरा किया। यहीं से उन्हें स्वकेन्द्रित जीवन जीने के बजाए देश के लिए कुछ करते हुए अपना जीवन गुजारने की प्रेरणा मिली।
    • अमित जी अमदाबाद के एलजे कॉमर्स कालेज के विद्यार्थी थे और 1991 में उन्हें कॉलेज का महासचिव चुना गया था। इसके बाद उन्हें 1993 में गुजरात विश्वविद्यालय के सिनेट का सदस्य चुन लिया गया। इसके बाद 1995 में उन्हें गुजरात विश्वविद्यालय का सिंडिकेट सदस्य चुना गया। बतौर सिंडिकेट सदस्य अमित उस समय से लेकर अब तक अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी अंजाम दे रहे हैं।
    • संघ प्रचारकों के निर्देश पर अमित के कार्यक्षेत्र का विस्तार हुआ और वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के लिए भी काम करने लगे। उनके काम करने के प्रभावशाली ढंग ने उन्हें बहुत जल्दी अमदाबाद शहर के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् का सचिव बना दिया। वे इस पद पर लगातार पॉँच वर्षों तक रहे। उनके काम से प्रभावित होकर उन्हें 1990 में पूरे गुजरात के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् का संयुक्त सचिव बना दिया गया। इस पद पर वे 1994 तक रहे। इसके बाद 1995 में हिंदू जागरण मंच के गुजरात प्रदेश संगठन मंत्री व 1996 में गुजरात भारतीय जनता पार्टी के यूथ विंग भारतीय जनता युवा मोर्चा का राज्य सचिव बनाया गया।
    • 2003 में जब भारत के तात्कालिन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने चीन की यात्रा की थी तो भारत सरकार के तरफ से गए यूथ डेलिगेशन में अमित ठाकर भी शामिल थे। इसके बाद बुश सरकार की निमंत्रण पर युवा राजनेता के तौर पर अमेरिका ने भारत के राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा अमित 52 देशों के प्रतिनिधियों के आतंकवाद पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के भी सहभागी रहे। अमित ने भारत सरकार द्वारा आयोजित युवा संसद में भी अपने राज्य गुजरात का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
    • 2008 में उन्होंने दिल्ली में वीरांगना रैली का सफल आयोजन किया। इस रैली में पचास हजार से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। राजधानी में इतनी बड़ी संख्या में लोगों का एकत्रित होना बहुत बड़ी बात रही। अमित ठाकर की अलग ढंग से काम करने की शैली बड़े- बड़े कामों को भी बेहद सहजता के साथ अंजाम तक पहुंचा देती है जो अमित जी की विशेष खासीयत रही है।